Monday, April 21, 2008

शाहरुख़ हिंदी भी लिखते हैं...

बीसीसी के द्वारा जारी चित्र-कथा शाहरुख़ ख़ान की पाँचवीं पास एक्सप्रेस की एक तस्वीर का अनुशीर्षक यानी कैप्शन शाहरुख़ हिंदी भी लिखते हैं.....वाकई मज़ेदार है.

अब लीजिए इस पूरी घटना की पड़ताल अपने पत्रकारिता के फाइव डब्ल्यू व वन एच वाले मुहावरे या हिन्दी के 6क से किया जाए. यानी हू, ह्वाट, ह्वेयर, ह्वेन, व ह्वाए तथा हाव. यानी कौन, क्या, कहाँ, कब व क्यों तथा कैसे. बताया जाता है कि इन प्रश्नों की पड़ताल से हम मुद्दे की सारी मौलिक जानकारियां पा सकते हैं. तो आजमाएँ.

पहला सवाल उठता है कि हू यानी कौन लिख रहा है. जाहिर है शाहरुख़ यानी किंग ख़ान लिख रहे हैं. शाहरुख़ को बोलते बहुत लोगों ने सुना है. अगर किसी चीज को दिल से चाहो तो पूरी क़ायनात....!!! लंबे लंबे डायलाग बोलते सुना है. मगर ये लिख रहे हैं जाहिर है दिनचर्या से हटकर बात है. हालांकि इन सितारों की दिनचर्या भी समाचार की सुर्ख़ियाँ बनती हैं और यह तो दिनचर्या से हटकर बात थी. वे लिख रहे हैं, शाहरुख़ लिख रहे हैं.

दूसरा सवाल है ह्वाट यानी क्या. किंग ख़ान क्या लिख रहे हैं. किंग ख़ान हिन्दी लिख रहे हैं. परम आश्चर्य और इसलिए समाचार बनने की ख़ूबियों से युक्त. चूंकि हिन्दी में लिख रहे हैं इसलिए यह महत्वपूर्ण हो गया है. अग्रेजी में लिखते तो दिनचर्या होती. शाहरुख़ हिन्दी में लिख रहे थे वाकई समाचार बनने वाली बात इसमें हैं. किंग ख़ान सिर्फ हिन्दी बोलना नहीं जानते बल्कि लिखना भी जानते हैं. पाँचवी पास लोग भी हिन्दी लिखना जानते हैं या कहें कि पाँचवी पास के पास जाने के लिए हिन्दी में लिखना जरूरी है.

तीसरा सवाल है ह्वेयर यानी कहाँ. यह सवाल भी दमदार है. शाहरुख़ हिन्दी लिख रहे हैं लेकिन कहाँ लिख रहे हैं? मौका था शाहरुख़ ख़ान की पाँचवीं पास एक्सप्रेस को मुंबई के बांद्रा इलाके से हरी झंडी दिखाने का और वहाँ शाहरुख़ को हिन्दी लिखना पड़ा. चौथी जिज्ञासा है ह्वेन यानी कब. जवाब है कल. कल इसलिए क्योंकि उनका क्या आप पाँचवीं पास से तेज़ हैं कार्यक्रम 25 अप्रैल से शुरू होने वाला है और उन्हें पाँचवीं पास एक्सप्रेस को झंडी दिखानी की जल्दी थी. पांचवी जरूरत ह्वाए यानी क्यों को जानने की है. उन्हें हिन्दी में क्यों लिखना पड़ा? वह इसलिए कि उन्हें कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार करना है और इसलिए उन्हें हिन्दी में ही लिखना था.

अब आखिरी मगर महत्वपूर्ण प्रश्न बच जाता है कि उन्होंने हिन्दी हाव यानी कैसे लिखा. शाहरुख़ ने एक बड़ी-सी शीट पर, जिसके एक ओर एयरटेल के लोगो थे और दूसरी ओर गुब्बारे में छिपा संभवतः स्टार का लोगो होगा, एक मोटे से हरे रंग के स्केच पेन से लिखा - 'पढ़ते रहिए...आगे बढ़ते रहिए!' लेकिन लोगों को प्यार शायद वो अंग्रेजी में ही देना चाहते हैं इसलिए lots of ....शाहरुख़ का शुक्रिया कम से कम लोगों तक एक संदेश तो जाएगा कि एक ऐसा भी करोड़पति है जो हिन्दी भी लिख लेता है!!!

2 comments:

pritima vats said...

कमेंट अच्छा लगा।

अतुल said...

हमारी ओर से बधाई.