Thursday, June 7, 2012

मरती भाषाओं का नक्शा बहुत डरावना लगता है

तो यूनेस्को के अनुसार 2473 भाषाएँ हैं दुनियाभर में - जो मरने के कगार पर हैं। भारत में यह संख्या 197 है। पिछले साल 196 थी। अमेरिका में 191 भाषाएँ अंतिम सांस गिन रही हैं। मेक्सिको में 143 है। इंडोनेशिया जैसे छोटे से देश में 146 भाषाएँ। ब्राजील की 190 भाषाएँ समाप्तप्राय हैं। मरती भाषाओं का मानचित्र बेहद डरावना लगता है।

 बिहार की एक भाषा अंगिका भी इस कोटि में है। पूर्वोत्तर भारत की सूची तो भयावह है। नक्शा देखकर काफी अजीब भी लगता है। विश्व एक-दूसरे से जुड़ता जा रहा है लेकिन भाषाएँ मरती जा रही हैं। अधिकाधिक देश लोकतांत्रिक हैं, विकास की ओर बढ़ रहे हैं। लेकिन क्या यह लोकतंत्र, यह विकास छोटी-मोटी भाषाओं की जिंदगी बचाकर नहीं रख सकती है?

2 comments:

चंदन कुमार मिश्र said...

खौफनाक मंजर!

सुनील कुमार झा said...

इस विषय पर मैंने भी काफी शोध किया हैं.... निचे दिए गए लिंक पर पढ़े...
http://www.esamaad.com/opinions/2012/05/10274/