Wednesday, September 12, 2012

ओपन सोर्स की ताकत, बोले तो, चैतन्य फ़ायरफ़ॉक्स ब्राउज़र अब मैथिली में भी

इसे हम ओपन सोर्स की ताकत ही कह सकते हैं कि चैतन्य फ़ायरफ़ॉक्स ब्राउज़र अब मैथिली में भी है। क्या ऐसा हम ऐसा किसी और जगह पर करने का दावा कर सकते हैं। शायद नहीं। हालाँकि यह ब्रॉउज़र काफी पहले से मैथिली में है लेकिन बीटा स्थिति से छुटकारा इसे अभी मिला है। यहाँ यह जिक्र करना जरूरी है कि सराय ने मैथिली के कंप्यूटरीकरण प्रोजेक्ट को मदद की थी और परिणाम है कि अभी केडीई, गनोम, फेडोरा, फ़ायरफ़ॉक्स, लिब्रेऑफिस, पिजिन सहित कई चीजें मैथिली उपलब्ध हैं। एक दफे रविकांतजी ने कहा था कि छोटी-छोटी भाषाओं से ओपन सोर्स जुड़ती है तो दोनों मजबूत होते हैं। हमलोग मगही, भोजपुरी, राजस्थानी जैसी भाषाओं की ओर भी बढ़ रहे हैं, यहाँ पर बढ़ सकते हैं, बेझिझक। रवि रतलामीजी ने छत्तीसगढ़ी कंप्यूटरीकरण का एक बड़ा काम पहले ही संपन्न कर लिया है।

जाना-माना फ़ायरफ़ॉक्स ब्राउज़र मैथिली भाषा में रिलीज कर दिया गया है। इसके पहले तक यह ब्राउज़र बीटा टेस्टिंग संस्करण में उपलब्ध था और इसे अब विधिवत् व आधिकारिक रूपेण मोज़िल्ला ने मैथिली के प्रयोक्ताओं के लिए जारी कर दिया है। 2000 के मुताबिक कुल मैथिली भाषी लोगों की संख्या करीब साढ़े तीन करोड़ से ऊपर है और ये सभी अपनी भाषा में इंटरनेट ब्राउज़िंग का आनंद ले सकते हैं। मोज़िल्ला फ़ायरफ़ॉक्स एक फ्री और ओपनसोर्स ब्राउज़र है जिसे मोज़िल्ला फाउंडेशन समुदाय की मदद से तैयार करती है। दुनिया की करीब चौथाई आबादी इंटरनेट चलाने के लिए मोज़िल्ला फ़ायरफ़ॉक्स का उपयोग करती है और इस लोकप्रिय ब्राउज़र अब मैथिली भाषा में उपलब्ध है। इसके पहले फ़ायरफ़ॉक्स 77 अन्य भाषाओं में रिलीज की जा चुकी है। यह जानना सुखद है कि यह मैथिली में उपलब्ध पहला ब्राउज़र है और यह विंडोज़, लिनक्स और मैक तीनों ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए उपलब्ध है। मैथिली फ़ायरफ़ॉक्स को आप यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं।

इस काम को अंजाम दिया है भाषा घर परियोजना के तरह कार्य कर रहे कुछ स्वयंसेवक। संगीता कुमारी का संयोजन राकेश रोशन, प्रतिभा के साथ बहुतेरे लोगों का योगदान रहा है। इसके तहत मैथिली कंप्यूटिंग के क्षेत्र में फेडोरा ऑपरेटिंग सिस्टम, लिब्रेऑफिस ऑफिस सूइट, मैथिली स्पेलचेकर सहित कई अन्य उपयोग अनुप्रयोगों को जारी किया जा चुका है। भाषा घर प्रोजेक्ट स्वयंसेवकों की मदद से वैसी भाषाओं पर काम करती है जो किसी सांस्थानिक समर्थन से वंचित हैं। इस संबंध में अन्य जानकारी के लिए यहाँ देखें।

हम शुक्रगुजार हैं कि इस खुशखबरी को हमारे कई ब्लॉगर साथियों, वेबसाइटों ने जगह दी है। कुछ लिंक आपको यहाँ हम दे रहे हैं-

http://raviratlami.blogspot.in/2012/08/blog-post_30.html

http://www.madhepuratimes.com/2012/09/blog-post_6.html

http://www.esamaad.com/regular/2012/09/10850

http://www.mithimedia.com/2012/08/blog-post_6080.html

http://rkjteoth.blogspot.in/2012/03/browser-search-engine.html

http://esamaad.blogspot.in/2012/08/blog-post_29.html

http://maithilaurmithila.blogspot.in/2012/08/blog-post_29.html

http://bhashaghar.blogspot.in/2012/09/blog-post.html

http://maithilputr.blogspot.in/2012/08/blog-post_9892.html

कुछ तस्वीरे साझा कर रहा हूँ -


1 comment:

unmukt S said...

मुक्त सॉफ्टवेयर में ताकत तो है ही लेकिन सब पहचान नहीं पा रहे हैं।