फ़ायरफ़ॉक्स हिंदी रिलीज जल्द ही अपनी बीटा स्थिति से आधिकारिक रिलीज में आने जा रहा है। इसके लिए जरूरी सारी शर्तों को हिंदी पूरा कर चुकी है और मोज़िला के ब्लॉग में इसकी घोषणा भी कर दी गई है। 3.0.5 का रिलीज जल्द ही होने वाला है जहाँ आपको हिन्दी आधिकारिक रिलीज के तहत उपलब्ध होगी।
मैं व्यक्तिगत तौर पर रविकांत, गोरा, करूणाकर, रविरतलामी सहित उन सारे लोगों का शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने इसके अनुवाद की व्यापकता से समीक्षा दिल्ली स्थित सराय में सराय की थी। साथ ही मैं अपने ब्लॉगर मित्रों का भी शुक्रिया करता हूँ जिन्होंने इसकी जाँच में योगदान दिया था। आरंभ में सीवीएस खाते आदि के कामों के रमण ने काफी सहयोग दिया था। अंत में लेकिन काफी महत्वपूर्ण रूप से मैं पंजाबी के लिए काम करने वाले अमन प्रीत का बहुत शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने मुझे इसकी प्रक्रिया आदि सारे जरूरी कामों को विस्तार से समझाया। मुक्त स्रोत के प्रति अमन का लगाव भी काबिले तारीफ है।
Tuesday, December 16, 2008
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6 comments:
यह हिन्दी प्रेमियों के लिए हर्ष की बात है.
आप सबको बहुत बहुत बधाई व आगे के लिए शुभकामनाएं.
बोले तो अब हम बिटा उपयोगकर्ता से अधिकृत उपयोगकर्ता हो जाएंगे :)
राजेश जी, इस कार्य में निस्पृह भाव से आपके लगातार, मनोयोग से जुटे रहने का यह प्रतिफल का ही है. बधाई स्वीकारें.
शुक्रिया जी यह जानकारी देने के लिए।
राजेश जी तथा रवि जी आपके टीम को हार्दिक बधाई। हिंदी के विकास में आपका योगदान महत्वपुर्ण है। धन्यवाद। आगे बढो।
बधाई और उससे अधिक साधुवाद !
यदि हिन्दी चिट्ठाकारों में से १०% भी यह निर्णय ले लें कि हिन्दी के किसी विशेष पक्ष को मजबूत करने की जिम्मेदारी (अन्य कार्यों के अलावा) उनकी रहेगी, तो बड़ी आसानी से हिन्दी तर जायेगी। उदाहरण के लिये कोई मोजिल्ला का देशीकरण करे; कोई ओपेन ऑफिस का ; कोई हिन्दी विकि में योगदान दे; कोई हिन्दी विकि के मनोविज्ञान सम्बन्धी लेख (बीस-पचीस) लिख डाले; कोई इन्टरनेट पर स्थित महत्वपूर्ण हिन्दी औजारों के लिंक इकट्ठे करे; कोई हिन्दी के अच्छी सामग्री से युक्त जालस्थलों का संग्रह प्रकाशित करने का जिम्मा ले ले। कोई हिन्दी सिखाने वाली साइटों की सुधि ले तो कोई लोगों को कम्प्यूटर पर हिन्दी सिखाने का बीडा उठाये। इस तरह से सैकड़ों काम निकल आयेंगे।
मेरी तरफ से भी इन लोगों को शुक्रिया और धन्यवाद।
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