अब देखिए ये लोग कहते हैं कि भारत में अंग्रेजी का प्रसार धीमा है...
"रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अंग्रेज़ी भाषा का प्रसार अत्यंत धीमा है जो भारत को उन देशों की तुलना में पीछे कर सकता है जिन्होंने प्राइमरी स्तर पर अंग्रेजी की पढ़ाई को बेहतर ढंग से लागू किया है.
इतना ही नहीं रिपोर्ट के अनुसार देश में अंग्रेज़ी पढ़ाने वाले शिक्षकों की कमी है जिससे राष्ट्रीय स्तर पर अंग्रेज़ी भाषा जानने वालों की संख्या तेज़ी से नहीं बढ़ रही है."
अब कितना बढ़ाना चाहते हैं भारत में अंग्रेजी को ये लोग...यानी हम अगर हिंदी को भूल जाएँ तो शायद सबसे अधिक आर्थिक प्रगति होगी.